विश्व की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के कर्ता-धर्ता बिल गेट्स ने  50 वर्ष की “छोटी” सी उम्र में कामकाजी ज़िंदगी से संन्यास लेने की घोषणा की है। वे अपनी ज़िंदगी का शेष समय ” बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन” की परोपकारी गतिविधियों में लगाना चाह्ते हैं।

तीन खरब डॉलर( अंकों में गिनना चाह्ते हैं तो गिनिये- 3,00,00,00,00,000) की संपति वाला यह फाउंडेशन गेट्स तथा उनकी पत्नी मेलिंडा के नाम पर है व पति-पत्नी दोनों इस फाउंडेशन द्वारा सामाजिक सेवा में अपना योगदान देते रहते हैं।
“छोटी” सी उम्र इसलिये कहा क्योंकि हमारे भारत में तो कब्र में पैर लटके होने के बावजूद नेता कुर्सी नहीं छोड़ते हैं। उनके मुक़ाबले बिल गेट्स तो अभी बच्चे ही हैं। फिर भी पैसे कमाने का मौक़ा छोड़ रहे हैं? यही नहीं, “अपनी” मेहनत की कमाई समाज सेवा में दान दे रहे हैं!

काश, बिल गेट्स नया पेशा अपनाने के लिये भारत की नेतागीरी में कूद पड़ते ({1. आजकल यहां की जनता विदेशी नेताओं पर देसी नेता की अपेक्षा ज़्यादा भरोसा करती है, 2. बिल गेट्स के पास काफ़ी पैसा है जो आजकल भारत में नेता बनने के लिये पहली योग्यता है, 3. भारत में अब “राजनीति ( राज चलाने की नीति) के बजाय “नेतागीरी” (दादागीरी की जुड़वां बहन) चलती है इसलिये गेट्स को चिंता करने की ज़रूरत नहीं कि वे भारतीय राजनीति कैसे चलाएंगे।}

इसलिये ए दुनिया के मजदूरों ( यानी दुनिया भर में फैल कर दुनिया भर के काम करने वाले भारतीयों), जाओ, बिल भैया को समझाओ कि भारत को उनके परोपकारी स्वभाव की कितनी आवश्यकता है।

अगर वे भारत में नेता बनने से मना कर दें तो उनसे करबद्ध प्रार्थना करना कि अपने पैसे से थोड़ी “समाजसेवा” यहां भी कर दें, भारतीय नेताओं को पैसे का लालच दे कर उन्हें किसी निर्जन द्वीप पर भेज दें!
 

 



1 Response to “भैया बिल गेट्स, भारत के नेता बन जाओ”

  1. 1 सागर चन्द नाहर

    इससे पहले वियतनां के प्रधान मंत्री यह कमाल कर चुके है, यहाँ देखें http://sagarnahar.blogspot.com/2006/05/blog-post_17.html

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