idiot.JPGअमेरिका में भारत के राजदूत रोनेन सेन ने इंटरव्यू लेने वाले पत्रकार से कहा-“ यह ( भारत-अमेरिका परमाणु समझौता) यहां ( अमेरिका में) राष्ट्रपति द्वारा मंजूर किया गया है और वहां ( भारत में) भारतीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर किया गया है; फिर तुम क्यों सिरकटे चूजे की तरह एक प्रतिक्रिया यहां लेने, एक प्रतिक्रिया वहां लेने और चाय के प्याले में तूफान खड़ा करने के लिए दौड़ रहे हो?”
यह कहा गया था एक भारतीय पत्रकार से, जिसने राजदूत महोदय से भारत- अमेरिकी परमाणु करार पर प्रतिक्रिया लेने के लिए उन्हें फोन किया था। (पूरा इंटरव्यू पढ़िए यहां)।

और बिना इंटरव्यू पढ़े, पता नहीं किसकी बात सुन कर - या किसके कान भरने पर- भारतीय राजनीति के कम्युनिस्ट नेताओं और भाजपा नेताओं ने आज भारतीय संसद में इतना हंगामा किया कि संसद में कोई कार्यवाही नहीं हो पाई और संसद स्थगित करनी पड़ी।

यही नहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने आज संसद के दोनों सदनों में राजदूत सेन के खिलाफ यह आरोप लगा कर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया कि श्री सेन ने सांसदों के प्रति “अपमानजनक” टिप्प्णी की है।

काश, श्री सेन इस मामले को अदालत में ले जाएं और कम्युनिस्ट नेताओं को साबित करने की चुनौती दें कि उनकी कौन सी टिप्पणी सांसदों का अपमान करती है।

क्या कोई इस मामले की तहकीकात करेगा कि एक लंबे इंटरव्यू के बीच में दबी इन पंक्तियों को किसने और क्यों तोड़मरोड़ कर नेताओं के कान तक पहुंचाया। क्या उस वेबसाइट ने जिसने यह इंटरव्यू लिया था। प्रसिद्धि पाने के लालच में?



1 Response to “बेवकूफ नेता”

  1. 1 Gaurav Vasishth

    Ronen Sen should have been punished to say the truth in the public. Hats off to him

Leave a Reply

(Antispam code, 3 black symbols)
captcha image