किसे मिलते हैं भगवान के दर्शन?
Published by शेखचिल्ली April 27th, 2007 in इधर-उधर की.
एक बार एक भक्त ने भगवान से शिकायत करते हुए कहा: भगवन, अमीर लोग मंदिरों में आकर पैसे देते हैं और सीधे आपके दर्शन के लिए पहुंच जाते हैं। मैं गरीब घंटों बाहर धक्के खाता खड़ा रहता हूं तब कहीं जाकर आपकी एक झलक देखने को मिलती है। आप भी अमीरों को पहले दर्शन देने लगे हैं?
भगवान ने कहा: जो अमीर पैसे देकर मंदिर में प्रवेश करते हैं उन्हें सिर्फ मेरी मूर्ति देखने को मिलती है। दर्शन तो मैं सिर्फ तुम्हारे जैसे भक्तों को देता हूं।
अब आप ही अंदाज लगाइए कि पिछ्ले सप्ताह तिरुपति दर्शन को गए बच्चन परिवार को किसके दर्शन हुए होंगे।
( बच्चन परिवार की तिरुपति यात्रा पर हुए बवाल का हाल पढ़िए यहां)
drishtant achha hai, lekin geeta mein shri krishna kehte hain ki jo mujhe jis bhav se milta hai main use usi roop mein milta hoon.
Hum iska nirnay nahin kar sakte ki kiska bhav kis waqt kaisa hai? yeh to poorna roop se antrik jigyasa hai? vaise ham sabki prathna vedanusaar sarve bhavantu sukhinah hi honi chahiya