HOT COUPLE : John and Vidya's track is heart melting, beautiful and has some lovely moments.किसी समीक्षक ने नहीं बताया कि यह फिल्म इतनी “भयावह” होगी। ऎसी बकवास फिल्म कोई कैसे बना सकता है? ऎसा नहीं कि हमने इससे पहले बकवास फिल्में नहीं देखीं, लेकिन उनमें अधिकतर एक ही प्रेम कहानी होती थी पकाने के लिए ( नयी उमराव जान याद है?)

 

लेकिन छह प्रेम कहानियां!! वह भी इतनी पकाऊ कि अगर सुदामा यह फिल्म देखने गए होते तो उनके चावलों की पोटली में पुलाव तैयार हो जाता!

 

इस फिल्म की प्रेम कहानियों के कुछ नमूने देखिए।
एक जोड़ा शादी-शुदा है, नायिका दुर्घटना में याददाश्त खो बैठती है। नहीं, पूरी नहीं, सिर्फ उतनी जो उसके पति से संबंधित है! ( हे भगवान!!) बाकी सारी ज़िंदगी की बातें उसे याद हैं।
दूसरा जोड़ा शादी-शुदा है लेकिन पति “बोर” हो रहा है ज़िंदगी से इसलिए दूसरी लड़की के चक्कर में है। बोर क्यों है? क्योंकि वह ऑफिस जाकर काम नहीं करता, सिर्फ घड़ी देखता बैठा रहता है, इसलिए ज़िंदगी में ऊब भर गई है। ऎसा कौन सा ऑफिस होता है जहां काम करने वाले के पास काम नहीं होता? वह भी लंदन में?

 

तीसरा जोड़ा- एक महत्वाकांक्षी आइटम गर्ल। उसकी ज़िंदगी में जो आया वह कौन है, कहां से आया, कैसे आया- न पूछिए, न फिल्म बताती है।

 

फिल्म के अनुसार लड़की है, इसलिए महत्वाकांक्षी होना बुरा है। लड़की है इसलिए हीरोइन बनने के बजाए बीवी बनना भला है। लड़का वेटर है। फिर भी करण जौहर की फिल्म में हीरोइन बनने का प्रस्ताव ठुकरा कर उससे शादी कर वर्ना पछताएगी।

 

इस फिल्म के निर्माता के लिए एक ही सजा है। सिनेमा हॉल में अकेले बिठा कर उसे इस फिल्म के 6 शो लगातार दिखाए जाएं।



1 Response to ““सलामे इश्क”- दिमागी दरिद्रता ”

  1. 1 harsh vardhan pathak

    You are abslutly right good sense

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