कल रात “कौन बनेगा करोड़पति” में शाहरुख खान ने  इस लोकप्रिय कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता के रूप में अपनी पारी आरंभ की।
अधिकतर लोगों को उनका बड़बोलापन, अहंकारी रवैया और लगातार बोलना पसंद नहीं आया।
एक वेब साइट पर शाहरुख के बारे में पाठकों ने जो टिप्पणियां की हैं उनमें से अधिकांश ने उनके इस अहंकारी रवैये की आलोचना की है।
“कौ.ब.क.” की अपनी पहली किस्त में शाहरुख ने जिस तरह प्रतियोगियों के नाम तोड़े-मरोड़े और उन्हें “तुम” कह कर संबोधित किया वह भी लोगों को रास नहीं आया।
कार्यक्रम में एक दक्षिण भारतीय प्रतियोगी से शाहरुख का यह कहना कि वे उनके नाम का उच्चारण नहीं कर सकते बहुत खलने वाला था। शाहरुख ने दक्षिण भारतीयों की भोजन-संबंधी आदतों (इडली और दोसे) पर भी टिप्पणी की।
एक दक्षिण भारतीय पाठक ने इस पर कहा कि, अगर हम ब्रिटेन में शिल्पा शेट्टी के नाम का गलत उच्चारण किए जाने को नस्लभेद मान सकते हैं तो क्या शाहरुख भी दक्षिण भारतीयों के प्रति नस्लभेदी रवैये के दोषी नहीं?

हम तो इन पाठकों से सहमत हैं।

आपका क्या कहना है?



1 Response to “शाहरुख खान: अहंकारी और नस्लभेदी? ”

  1. 1 m.k.jain

    khan anhkari hote ja rahe hain .vartman karyon se yesa hi lagta hai.

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