बीसीसीआई ने मैच फिक्सिंग मामले प्रतिबंध झेल रहे पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन को सम्मानित क्या करना चाहा…आईसीसी ने अपने तरकश में बचे-खुचे सभी तीर बीसीसीआई पर तान दिए। वैसे भी एमपीए को लेकर पहले ही आईसीसी और बीसीसीआई के बीच तू-तू-मैं-मैं छिड़ी हुई है।

आईसीसी एक ओर कहती है कि उसकी “दुनिया में भ्रष्टाचार” के लिए कोई जगह नहीं है। अगर अजहर भ्रष्ट हैं तो क्या दक्षिण अफ्रीका के हर्शल गिब्स, ऑस्ट्रेलिया के मार्क वॉ और “विवादित शख्सियत शेन वॉर्न” दूध के धुले हैं !!

आखिरी क्यों हैं आईसीसी के यह दोहरे मापदंड !!

एक ओर जहां आईसीसी और बीसीसीआई एक दूसरे को नैतिकता का पाठ पढ़ाने में लगे हुए हैं। वहीं धीरे-धीरे यह बात भी जोर पकड़ने लगी है कि क्या अजहर पर आजीवन प्रतिबंध लगाने का फैसला सही था? अजहर के खिलाफ बीसीसीआई ने इतना कड़ा रूख क्यों अपनाया वह भी बिना किसी ठोस सबूत के।

आखिर ऐसा करके बीसीसीआई क्या साबित करना चाहती थी, क्यों ढ़केला उसने अजहर को गर्त में? है किसी के पास इसका जवाब…।



4 Responses to “अजहर के साथ नाइंसाफी हुई है...?”

  1. 1 सम्पादक

    हमने हिन्दी चिट्ठों की नयी प्रविष्टियों को यहां एक जगह लाने का प्रयत्न किया है। सारे चिट्ठों की फीड तो आ पा रही है, पर आपके के में मुश्किल पड़ रही है। आपकी फीड अलग से भी फयरफॉक्स पर नहीं चल रही है। यदि इसे आप ठीक कर देंगे तो आपके नयी प्रविष्टियों की सूचना हम दे पायेंगे।

  2. 2 शेखचिल्ली

    संपादक जी, यथाशीघ्र आपकी दिक्कत का समाधान कर सूचित करेंगे। आपके प्रयास के लिए धन्यवाद।

  3. 3 sriva

    क्या इस वेब साइट पर कोई भी अपना कुछ भी लेख भेज सकता है ? या फिर इस पर किसी का कॉंट्रोल है ??

  4. 4 शेखचिल्ली

    आप भी अपने विचार भेज सकते हैं। इसके लिए हमारे “आमंत्रण” पृष्ठ पर जाएं और अपने विचार लिखें। उनके प्रकाशन योग्य होने की जांच के बाद आपके विचार प्रकाशित कर हमें प्रसन्नता होगी। धन्यवाद।

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