Archive for July, 2008
अहमदाबाद में हुए बम विस्फोट से चिंतित और सदमे में था देश.. लेकिन उसके बाद सूरत में जिसमें तरह तथाकथित बम बरामद हो रहे हैं, उससे लगता है यह वाकई आतंकवादियों की करनी है या दाल में कुछ काला है? भला कोई आतंकवादी पेड़ पर बम क्यों रख जाएगा, जैसा कि सूरत में हुआ…
बात हंसी […]
बच्चों से अगर कहा जाए कि एक फिल्म बनाओ तो वे कैसे बनाएंगे? वे हर चीज को काल्पनिक जामा पहनाएंगे; जैसे कि टेबल से कूद कर कहेंगे कि वे पहाड़ी से कूद रहे हैं, कंधे पर टॉवेल बांध कर दौड़ेंगे और कहेंगे कि सुपरमैन दौड़ रहा है, लकड़ी हाथ में लेकर मुंह से तड़-तड़ की […]
जिस फिल्म में कहानी ही नहीं हो आप उसे कैसी फिल्म कहेंगे?
इस साल की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक “ जाने तू या जाने ना” जैसी फिल्म को देख कर यकीन नहीं होता कि यह 2008 जैसे समय में बनी फिल्म है, यकीन नहीं होता कि आमिर खान ने बिना स्क्रिप्ट देखे फिल्म बनाने […]
परमाणु करार ने देश के दो निठल्ली प्रजातियों को व्यस्त रहने का मौका दे दिया है।
हाशिए पर पड़े नेता और कम-दिमाग टीवी चैनल।
नेता एक –दूसरे से मिल रहे हैं और टीवी चैनल ब्रेकिंग न्यूज दे रहे हैं “फलाना नेता ढिकाना नेता से मिले।”
सुबह से शाम तक हर कोई एक-दूसरे से मिल रहा है और उसकी […]