Archive for December, 2007
और जनता का फैसला…। पंडित बघारें ज्ञान पर जनता करे अपने मन की। “वेलकम” को “कथित” समीक्षकों ने लताड़ा लेकिन जनता तो उसी सिनेमाघर की तरफ जा रही है जहां “वेलकम” चल रही है। मोदी के पीछे पड़ी दुनिया लेकिन जनता ने वोट दिए उसे ही।
क्यों?
इसलिए कि भारतीय जनता सुनती सबकी है, करती अपने मन […]