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		<title>अमिताभ, ब्लॉग और गालियों की बौछार!</title>
		<description>इन मुए ब्लॉगों और मोबाइलों के माध्यम से लोगों ने सारी मर्यादाएं ही तोड़कर रख दी हैं। अब तक तो सिरफिरे और दीवाने आशिक खूबसूरत अभिनेत्रियों करीना कपूर, मल्लिका शेरावत, मनीषा कोइराला, कंगना रानौत आदि को निशाना बनाते आ रहे थे, लेकिन यह क्या गजब हो गया कि हिंदी फिल्मों ...</description>
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		<title>“सब्र और आस्था रखें!”</title>
		<description>चिली के वे 33 खनन मजदूर पिछले तीन सप्ताहों से दुनिया से कटकर एक अंधेरी खान में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं! मौत से जद्दोजहद कर रहे हैं! प्रार्थनाएं कर रहे हैं कि उन्हें फिर से उनकी अपनी दुनिया मिल जाए, उनके अपनों से वे मिल जाएं।

राहतकर्मियों व इंजीनियरों ...</description>
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		<title>“राजनीति”: उत्तरार्ध की कहानी इंदिरा गांधी पर होती तो?</title>
		<description> 

प्रकाश झा की फिल्म “राजनीति” का प्रथम भाग अत्युत्तम है। महाभारत को समकालीन राजनीति से जोड़ना इतना सटीक बन पड़ा है कि आश्चर्य होता है, क्या महाभारतकाल से अब तक भारतीय राजनीति में कुछ नहीं बदला?

उत्तरार्ध में कहानी महाभारत से हट जाती है और राजनीतिक जोड़तोड़ की कहानी बन जाती ...</description>
		<link>http://www.garamchai.in/?p=721</link>
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		<title>“कमीने” और “संकट सिटी”</title>
		<description>एक ही विषयवस्तु ( कभी- कभी भोलेपन में हुआ अपराध भी जिंदगी बना देता है) पर बनीं दो फिल्में। एक महा- उबाऊ पर समीक्षकों की कृपा से हुई हिट, दूसरी फिल्म बेहतरीन, पर समीक्षकों की उपेक्षा से हुई गायब।“कमीने” उस श्रेणी की फिल्म है जिसे हम “ऑस्कर फिल्म” कहते हैं। ...</description>
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		<title>शाहरुख खान पर कौन- कौन हंस रहा होगा?</title>
		<description>जब सुनील गावस्कर ने कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम में चार कप्तान बनाए जाने के सिद्धांत की आलोचना की थी तब शाहरुख खान ने कहा था, मिस्टर गावस्कर ने 20-20 क्रिकेट नहीं खेला है इसलिए अपनी सलाह अपने पास रखें।
 सुनील गावस्कर पर भड़के शाहरूख!आज शाहरुख की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ...</description>
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		<title>घड़ी कमर में लटकाऊंगा.. मैं गांधी बन जाऊं..</title>
		<description>बचपन में पाठ्य पुस्तक में एक कविता पढ़ी थी, “मां खादी की चादर दे दे , मैं गांधी बन जाऊं।”कविता में एक बच्चा मां से गांधी जी के जैसी वस्तुएं दिलवाने की मनुहार करता है ताकि वह भी उन्हें लेकर गांधी जी जैसा दिख सके।उसमें गांधी जी की मशहूर घड़ी ...</description>
		<link>http://www.garamchai.in/?p=692</link>
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		<title>“विक्टरी”: क्रिकेट प्रेमी हैं तो देखने जाइए</title>
		<description>अगर आपको फिल्म देखना है तो कहीं और जाइए, और अगर आपको बड़े पर्दे पर क्रिकेट देखने का मज़ा लेना है तो फिल्म “ विक्टरी” देखने जरूर जाइए।हम तो हैं क्रिकेट के बड़े दीवाने, इसलिए फिल्म समीक्षकों की आलोचनाएं अनदेखी कर, इष्ट- मित्रों की सलाह अनसुनी कर हम “विक्टरी” देखने ...</description>
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		<title>“करोड़पति झोपड़िया कुत्ता” और ओबामा</title>
		<description>भारत में “फॉरेन रिटर्न” की बड़ी इज्जत होती है। कोरियाई, चीनी, जापानी वगैरह नहीं, ब्रिटिश और अमेरिकी ठप्पा चाहिए, फिर देखो भारत में कैसे उसकी धूम मचती है। मीडिया तो चरण धो- धो कर पीता है उनके। वैज्ञानिक, कलाकार, लेखक, अंतरिक्ष वैज्ञानिक- जब तक देश में रहते हैं कोई पूछता ...</description>
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		<title>काश, आज हमारा ऑफिस गांव में होता..</title>
		<description>तो हम आज सुबह उठते, छोटे से ट्रांजिस्टर पर आकाशवाणी से समाचार सुनते कि मुम्बई में पेट्रोल नहीं मिलने से लोगों को भारी दिक्कत हो रही है, और आश्चर्य करते कि पेट्रोल की इतनी क्या जरूरत है।फिर नाश्ता करके घर से निकलते और खरामा- खरामा टहलते हुए ऑफिस पहुंच जाते ...</description>
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		<title>2008: तीन खान, कौन पहलवान?</title>
		<description>सलमान, आमिर और शाहरुख खान की तीन बहुचर्चित फिल्में फिल्में 2008 में प्रदर्शित हुईं।सलमान की “युवराज”, शाहरुख की “रब ने बना दी जोड़ी” और आमिर की “गजनी”। तीनों फिल्मों की कहानियां मुख्यत: प्रेम-आधारित थीं और उनकीं नायिकाएं खान- नायकों से लगभग आधी उम्र की थीं।“युवराज” में सलमान की नायिका कैटरीना, ...</description>
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