Archive for the 'फ़िल्में' Category
मुम्बई के हर सिनेमाघर में, जहां यह फिल्म चल रही है, दर्शक फिल्म खत्म होने पर खड़े होकर तालियां बजा रहे हैं।
आतंकवाद पर आधारित ऎसी फिल्म जो लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दे, जिसे देख कर सिनेमाहॉल से निकलने पर हर हिन्दू, और हर मुस्लिम को, अपनेआप पर, अपने मुम्बई शहर पर और […]
बच्चों से अगर कहा जाए कि एक फिल्म बनाओ तो वे कैसे बनाएंगे? वे हर चीज को काल्पनिक जामा पहनाएंगे; जैसे कि टेबल से कूद कर कहेंगे कि वे पहाड़ी से कूद रहे हैं, कंधे पर टॉवेल बांध कर दौड़ेंगे और कहेंगे कि सुपरमैन दौड़ रहा है, लकड़ी हाथ में लेकर मुंह से तड़-तड़ की […]
जिस फिल्म में कहानी ही नहीं हो आप उसे कैसी फिल्म कहेंगे?
इस साल की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक “ जाने तू या जाने ना” जैसी फिल्म को देख कर यकीन नहीं होता कि यह 2008 जैसे समय में बनी फिल्म है, यकीन नहीं होता कि आमिर खान ने बिना स्क्रिप्ट देखे फिल्म बनाने […]
हिन्दी फिल्मों में तथ्यात्मक गलतियां वैसे ही स्वाभाविक हैं जैसे वर्षा ऋतु में पानी गिरना। और उसी गति से होती हैं ये गलतियां। लेकिन “सरकार राज” ने शायद नया रेकॉर्ड बनाया।
1. फिल्म के एक दृश्य में सरकार के घर के बाहर बम विस्फोट होता है।
उसके अगले दृश्य में कुछ लोग खबर सुन रहे होते हैं […]
आपने कभी देखा है, कि जापानी समारोह में सभी चीनी बोलें और जापानी भाषा की हंसी उड़ाएं? या फ्रांस के समारोह में अंग्रेजी बोली जाए और फ्रांसीसी भाषा की खिल्ली उड़ाई जाए? दुनिया का कोई देश अपनी भाषा की उस तरह खिल्ली नहीं उड़ाता जिस तरह भारत के फिल्मोदद्योग से जुड़े व्यक्तियों द्वारा उड़ाया […]