Archive for the 'नया भारत' Category



अस्सी के दशक के बाद से, आज शायद पहली बार ऎसा हुआ है कि क्रिकेट में भारत की जीत फीकी पड़ गई और मुक्केबाजी में भारत की विजय तो छोड़िए, हार ने भी भारतीयों का दिल जीत लिया।
बीजिंग ओलम्पिक में सुशील कुमार ने आज पहले भारत के लिए कांस्य पदक जीता, उनके बाद जितेन्दर कुमार […]


परमाणु करार ने देश के दो निठल्ली प्रजातियों को व्यस्त रहने का मौका दे दिया है।
हाशिए पर पड़े नेता और कम-दिमाग टीवी चैनल।
नेता एक –दूसरे से मिल रहे हैं और टीवी चैनल ब्रेकिंग न्यूज दे रहे हैं “फलाना नेता ढिकाना नेता से मिले।”
सुबह से शाम तक हर कोई एक-दूसरे से मिल रहा है और उसकी […]


स्थानीय अखबारों में देखा करते थे, अक्सर किसी की मृत्यु की सूचना वाले शोक संदेश के ऊपर लिखा रहता था “धल्ले आवे नानका, सद्दे उठ जावे”। पंजाबी नहीं आती थी ( अभी भी नहीं आती) इसलिए न तब इस वाक्य का अर्थ समझते थे, न अब। सिर्फ इतना समझ में आता है कि यह शरीर […]


सोलापूर ( महाराष्ट्र का सीमावर्ती इलाका) में एक विधायक के घर पर आधीरात के बाद तक उनके जन्मदिन पर पटाखे फोड़े जा रहे थे। पुलिस गश्ती दल ने उन्हें मना किया, कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक रात दस बजे के बाद शोरशराबा करना मना है। जवाब में पुलिस वालों के साथ गाली-गलौज और […]


…“इंडिया” हो गए हैं हम।
इसलिए एक बहुत अच्छी फिल्म “चक दे इंडिया” में कोच से लेकर सारे खिलाड़ी तक “इंडिया” के लिए खेलते हैं, भारत के लिए नहीं।
इसलिए हमारी क्रिकेट टीम अब “ टीम इंडिया” कहलाती है, भारतीय क्रिकेट टीम नहीं।
इसलिए अब भारतमाता को कोई नहीं जानता, सब दीवाने हैं “शाइनिंग इंडिया” के…
अंग्रेज चले गए, […]