Author Archive for अमिता Archive Page



दीपावली आने की आहट से मन में एक उत्साह और उमंग सा जग जाता है।
 बच्चों को स्कूल कॉलेज की लंबी छुट्टियों का बेसब्री से इंतजार होता है। कामकाजी लोगों को ऑफिस में दो दिन के छुट्टियों का इसलिए इंतजार होता है कि वे अपने परिवार के साथ त्योहार मना सकें। जो अपने घर से दूर […]


पहले हम भारत को सोने की चिड़िया कहते थे। मुगलों और अंग्रेजों ने कब्जा जमाकर सारी धन-दौलत को लूट लिया था। लेकिन आज स्थिति बिल्कुल अलग है। व्यापारिक जगत में जिस पैमाने पर भारतीय कंपनियों ने अधिग्रहण का सिलसिला शुरू है दुनिया के सभी विकसित देशों को अब भारत से खतरा महसूस होने लगा है।
टाटा […]


लगे रहो मुन्ना भाई में ‘गांधीगिरी’ को आम जीवन में अपनाकर समस्याओं का हल निकाला गया है। हम फिल्म देखकर तो इसकी खूब तारीफ करते हैं और गांधीजी के विचारों की धज्जियां उड़ते देख शोक भी जताते हैं। लेकिन क्या कभी गिरेबां में झांककर देखा है कि खुद हमने कितनी बार ऐसे तरीके अपनाए हैं?
कितनी […]


काम ही खाना, काम ही सोना, काम ही हंसना, काम ही रोना।
यानी कुल मिलाकर कह सकते हैं कि महानगरों में काम ही जीवन बन चुका है। लेकिन काम में मस्त और व्यस्त लोगों को एक चिंता खाए जा रही है, जरूरत से कम या ज्यादा वजन।
आज कल फिटनेस प्रशिक्षकों और केद्रों के धड़ल्ले से चलने […]


कहते हैं बिन पानी सब सून लेकिन शायद आज की हवा ही कुछ ऐसी है कि पानी ने भी अपना रंग बदल दिया है। पानी, तेरे न आने से भी लोगों की जान जाती है और न आने से भी लोगों की जान जाती है।
कहीं तपतपाती धूप में किसान अपने खेत के लिए आसमान की […]